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Ir bêder vater hiez Frimutel: |
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glîch antlütze und glîchez vel |
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Anfortas bî sîner swester truoc. |
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der heiden sach an si genuoc, |
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unde ab wider dicke an in.
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swie vil man her ode hin |
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spîse truoc, sîn munt ir doch niht az: |
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ezzen er doch glîche saz. |
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Anfortas sprach ze Parzivâl |
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"hêr, iwer bruoder hât den grâl, |
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des ich wæn, noh niht gesehn." |
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Feirefîz begundem wirte jehn |
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daz er des grâles niht ensæhe. |
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daz dûhte al die rîter spæhe. |
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diz mære och Titurel vernam, |
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der alte betterise lam. |
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der sprach "ist ez ein heidensch man, |
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sô darf er des niht willen hân |
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daz sîn ougn âns toufes kraft |
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bejagen die geselleschaft |
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daz si den grâl beschouwen: |
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da ist hâmît für gehouwen." |
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daz enbôt er in den palas. |
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dô sprach der wirt und Anfortas, |
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daz Feirefîz næme war, |
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wes al daz volc lebte gar: |
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dâ wære ein ieslîch heiden |
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mit sehen von gescheiden. |
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si wurben daz er næme en touf |
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und endelôsn gewinnes kouf. |
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